उसने सपने यैसे दिखाये, हम करवट बदलते रह गए,
वो देश बदलने आये थे, कपड़े बदलते रह गए ||
नेता ही नही अभिनेता भी वो कमाल का है,
उसके अभिनय पर हम ताली थाली बजाते रह गए ||
नित नये प्रपंच में, उलझाये रखा देश को,
जुमलो में यैसे उलझे, मन की बात सुनते रह गए ||
सुना था हमको भी मिलेगा, जब कालाधन आयेगा,
हम खाते खुलाते रह गए, वो नोट बदलते रह गए ||
पांच किलो राशन पर, दस किलो भाषण है,
व्यापारी रबड़ी खा गए, हम रेवडी खाते रह गए ||
पुर्खो की कमाई को, मुर्खो ने बेच दी,
देश कुबेरों पर लुटा, हम आपस मे लडते रह गए ||
विश्वगुरु हम बने, महगाई, भुखमरी, बेरोजगारी में,
बैड बजा प्रजा का, वो डंका बजते रह गए ||
झूठ पाखंड आडंबर में खलिहर भक्त चकाचौंध है,
हिन्दुत्व राष्ट्रवाद की दुकान पर वो पकौड़े तलते रह गए ||
आपदा थी नोट और तालाबंदी, नागरिक्ता और कृषि कानून,
उनके दस्त को भी दल्ले मास्टर स्ट्रोक बताते रह गए ||
डायन महामारी में, लाखों मरे लाचारी में,
वो महल बनवाते रहे, हम सांसो को तरसते रह गए ||
बिलख रही है बिलकिस निर्भया भयभीत है,
सनातनी, बलात्कारीयो को संसकारी बताते रह गए ||
लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ, जनता के पैरोकार थे जो,
अब वे सत्ताधीशो के पालतू कुत्ते बनकर रह गए ||
प्रतीक है गांधी हिन्दू के और गोडसे हिन्दुत्व का,
गोडसे तोडता रहा , गांधी जोडते रह गए ||
जवान अग्निपथ पर चले, धरने पर किसान मरते रहे,
नारो में हम जय जवान, जय किसान कहते रह गए ||
राम ही बचाये यैसे अघोषित राम राज्य से,
प्रजा त्राहिमाम कहती रही, वो जय श्रीराम कहते रह गए ||
अच्छे दिन यही है तो, बुरे दिन ही अच्छे थे,
जो भी था वो लुट गया, हम हाथ मलते रह गए ||
