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दिसंबर 30, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

बिकि नाही एकहु वोट

एकहु काम नाही कारईला,बढियो में ना झांके आईला। ठेका लेहला दबा के खईला, खूब खईला दूध मलाई। केतनो करबा दादा माईं, जितबा नाही ....... भाई। काम कईला की खईले बाडा, बतावा का तू कईले बाडा। लूट के जेतना धईले बाडा, अबकी चुनौवा मे लुट जाई। केतनो करबा दादा माईं, जितबा नाही ....... भाई। बिकि नाही एकहु वोट, साडी बाटा चाहे नोट। मूर्ख समझला जेके अब तक , ऊहे तोहके सबक सिखाई। केतनो करबा दादा माईं, जितबा नाही ....... भाई। लालच देके भरमावला, पीठ पीछे गरीयावला। खूब नचउला जनता के अब, जनता तोहके नाच नचाई। केतनो करबा दादा माईं, जितबा नाही ....... भाई।