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अपनी योग्यता पर कभी घमण्ड मत करो मगर घमण्ड करने योग्य योग्यता जरूर अर्जित करो || Never be proud of your ability, but definitely earn the ability to be proud of ||

अपनी योग्यता पर कभी घमण्ड मत करो मगर घमण्ड करने योग्य योग्यता जरूर अर्जित करो. My thoughts in hindi Never be proud of your ability, but definitely earn the ability to be proud of. My Thoughts in English
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बिकि नाही एकहु वोट

एकहु काम नाही कारईला,बढियो में ना झांके आईला। ठेका लेहला दबा के खईला, खूब खईला दूध मलाई। केतनो करबा दादा माईं, जितबा नाही ....... भाई। काम कईला की खईले बाडा, बतावा का तू कईले बाडा। लूट के जेतना धईले बाडा, अबकी चुनौवा मे लुट जाई। केतनो करबा दादा माईं, जितबा नाही ....... भाई। बिकि नाही एकहु वोट, साडी बाटा चाहे नोट। मूर्ख समझला जेके अब तक , ऊहे तोहके सबक सिखाई। केतनो करबा दादा माईं, जितबा नाही ....... भाई। लालच देके भरमावला, पीठ पीछे गरीयावला। खूब नचउला जनता के अब, जनता तोहके नाच नचाई। केतनो करबा दादा माईं, जितबा नाही ....... भाई।

उसने सपने यैसे दिखाये, हम करवट बदलते रह गए ||

  उसने सपने यैसे दिखाये, हम करवट बदलते रह गए,  वो देश बदलने आये थे, कपड़े बदलते रह गए || नेता ही नही अभिनेता भी वो कमाल का है,  उसके अभिनय पर हम ताली थाली बजाते रह गए || नित नये प्रपंच में, उलझाये रखा देश को,  जुमलो में यैसे उलझे, मन की बात सुनते रह गए || सुना था हमको भी मिलेगा, जब कालाधन आयेगा,  हम खाते खुलाते रह गए, वो नोट बदलते रह गए || पांच किलो राशन पर, दस किलो भाषण है, व्यापारी रबड़ी खा गए, हम रेवडी खाते रह गए  || पुर्खो की कमाई को, मुर्खो ने बेच दी,  देश कुबेरों पर लुटा, हम आपस मे लडते रह गए || विश्वगुरु हम बने, महगाई, भुखमरी, बेरोजगारी में,  बैड बजा प्रजा का, वो डंका बजते रह गए || झूठ पाखंड आडंबर में खलिहर भक्त चकाचौंध है,  हिन्दुत्व राष्ट्रवाद की दुकान पर वो पकौड़े तलते रह गए || आपदा थी नोट और तालाबंदी, नागरिक्ता और कृषि कानून,  उनके दस्त को भी दल्ले मास्टर स्ट्रोक बताते रह गए || डायन महामारी में, लाखों मरे लाचारी में,  वो महल बनवाते रहे, हम सांसो को तरसते रह गए || बिलख रही है बिलकिस निर्भया भयभीत है,  सनातनी, बलात्कार...